प. पू. प्रतिष्ठाचार्य श्रीमद् विजय जिनोत्तमसूरीश्वरजी म. सा.
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पावन निश्रा एवं प्रेरणादाता
प. पू. आचार्य श्री रविचन्द्रसूरीश्वरजी & पंन्यास श्री जिनरत्न विजयजी म. सा.
[ चित्र स्थापन स्थान / Photo Slot ]
मार्गदर्शन व पावन निश्रा
पू. सा. श्री भव्यगुणा-दिव्यप्रज्ञा-शीलगुणाश्रीजी म. सा.
[ चित्र स्थापन स्थान / Photo Slot ]
पावन प्रेरणा एवं आशीर्वाद
प. पू. श्री नेमि-लावण्य-दक्ष-सुशील गुरुकृपा प्राप्त प्रतिष्ठाचार्य श्रीमद् विजय जिनोत्तमसूरीश्वरजी म. सा.
प. पू. आचार्य श्री रविचन्द्रसूरीश्वरजी म. सा.
प. पंन्यास श्री जिनरत्न विजयजी म. सा.
प. पू. श्री नीतिसूरीश्वरजी म. सा. के समुदाय के गच्छाधिपति प. पू. आ. श्री हेमप्रभ-ललितप्रभसूरीश्वरजी म. सा. के आज्ञानुवर्तिनी पू. सा. श्री ललितप्रभाश्रीजी-स्नेहलताश्रीजी म. सा. की शिष्या पू. सा. श्री भव्यगुणा-दिव्यप्रज्ञा-शीलगुणाश्रीजी म. सा.
निवेदक: श्री पार्श्व-भैरव सुशील धाम चेरिटेबल ट्रस्ट, श्री शंखेश्वर महातीर्थ
सादर निवेदन
त्रैलोक्य शाश्वता, त्रैलोक्य पूजित, प्रगट प्रभावी, विश्वविख्यात श्री शंखेश्वर महातीर्थ में गच्छाधिपति, प्रतिष्ठा शिरोमणी प. पू. आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय सुशीलसूरीश्वरजी म. सा. की अंतस भावना के अनुरूप श्री शंखेश्वर-विरमगाम हाइवे पर ३८,००० स्क्वे. फूट विशाल भूमि पर विश्व का सर्व प्रथम शंखाकार जिनमन्दिर, सर्व सुविधायुक्त विशाल धर्मशाला, अत्याधुनिक भोजनशाला, विशाल श्रमण-श्रमणी उपाश्रय, तीर्थ पेढी, जलवाटिका आदि से युक्त भव्य तीर्थ का नवनिर्माण होने जा रहा है।
Temple Architect
Chetanraj Sompura
Yelahanka, Bangalore - 560064
Mob: 9845117397
Project Architect
N. R. H. Architectural Studio 21
Rohit Suthar, Falna
Main Contractor
Manglam Construction
Khimel - Mumbai
विश्व का प्रथम शंखाकार जिन मन्दिर
शिखरबद्ध देवकुलिकाएँ, गुरु मन्दिर एवं चतुर्मुख भैरव देव मन्दिर
शंखाकार जिनमन्दिर 3D व्यू [ Image Placeholder ]
विश्व का सर्व प्रथम शंखाकार चतुर्मुख जिनालय
मुख्य शंखाकार जिनालय मॉडल
सम्पूर्ण जिनालय का तल दर्शन (Floor Plan)
माप: 94'-11" × 92'-9" | Temple Architect: Chetanraj Sompura
जिनालय वास्तुकला फ्लोर प्लान
मुख्य चतुर्मुख जिनालय
श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ चतुर्मुख मन्दिर
श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान, श्री जीरावला पार्श्वनाथ भगवान, श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भगवान, श्री चिन्तामणी पार्श्वनाथ भगवान आदि की 27" की भव्य प्रतिमा बिराजमान होगी।
कलाकृति देहरी में पूज्य श्री सुशील गुरुदेव की जन्म भूमि, श्री चाणस्मा नगर मण्डन श्री भटेवा पार्श्वनाथ प्रभु की आबेहुब प्रतिमा।
कलाकृति युक्त देहरी में रजत (चांदी) मय अंजनवाले श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ प्रभु की परिकर युक्त प्रतिमा।
गिरनार मण्डन श्री नेमिनाथ प्रभु एवं जगजयवन्त श्री जीरावला पार्श्वनाथ प्रभु की आबेहुब प्रतिमा शिखरबद्ध देहरी में बिराजमान होगी।
श्री गौतमस्वामीजी गुरु मन्दिर
गुरु भगवंतों की दिव्य प्रतिमाएँ
अनंतलब्धिनिधान गणधर श्री गौतमस्वामीजी की (25") प्रतिमा
पूज्य दादा गुरुदेव श्री जिनदत्तसूरीश्वरजी म. सा. की (51") खड़ी प्रतिमा
विश्व पूज्य आचार्य श्री राजेन्द्रसूरीश्वरजी म. सा. की (51") खड़ी प्रतिमा
विश्व की महान विभूति, योगीराज श्री शान्तिसूरीश्वरजी म. सा. की (51") खड़ी प्रतिमा
परमोपकारी पू. गुरुदेव आचार्य श्री सुशीलसूरीश्वरजी म. सा. की (51") खड़ी प्रतिमा
अधिष्ठायक देव मन्दिर
श्री नाकोड़ा भैरव देव का चतुर्मुख मन्दिरजी
चारों दिशाओं में चमत्कारीक अधिष्ठायक देव श्री नाकोड़ा भैरुजी की (25") प्रतिमा बिराजमान होगी।
चारों देहरी में तपागच्छ अधिष्ठायक देव श्री माणीभद्रवीर की (21") प्रतिमा
महा चमत्कारीक श्री घंटाकर्ण महावीर की (21") प्रतिमा
शासन अधिष्ठायक माँ अम्बिकादेवी की (21") प्रतिमा एवं श्री सच्चियामाताजी की (21") प्रतिमा
विशाल धर्मशाला एवं तीर्थ संकुल व्यवस्था
कुल भवन क्षेत्र: 84,000 sq.ft. | अत्याधुनिक 66 कक्ष एवं आराधना संकुल
भव्य धर्मशाला संकुल [ Image Slot ]
84,000 sq.ft. संपूर्ण एरिया
60" × 30" मुख्य व अंदर + संपूर्ण परिवार फोटो (60"×36")
उपलब्ध
4.6
संघ स्वामिवात्सल्य भवन
690 sq.ft.
36" × 24" मुख्य व अंदर + 2 फोटो (18"×24")
उपलब्ध
4.7
यात्री निवास धर्मशाला कक्ष (Rooms)
390 sq.ft. (कुल 66 रूम)
18" × 24" रूम नेमप्लेट (2' × 1'6")
उपलब्ध (प्रति रूम)
4.8
तीर्थ प्याऊ (जलवाटिका)
जलवाटिका संकुल
48" × 18" नामकरण शिलालेख
उपलब्ध
4.9
धर्मशाला लिफ्ट (2 Lifts)
2 लिफ्ट
30" × 24" शिलालेख (प्रत्येक का नकरा अलग)
उपलब्ध
4.10
तीर्थ पेढी (कार्यालय)
380 sq.ft.
36" × 24" शिलालेख
आदेश हो गया है
4.11
तीर्थ भोजनशाला
4,400 sq.ft.
48" × 24" मुख्य व अंदर + 2 स्टेच्यु
आदेश हो गया है
विशेष सूचना: उपर्युक्त लाभ योजनाओं में लाभ लेने हेतु पूज्य गुरुदेवश्री एवं ट्रस्ट मंडल के पदाधिकारियों से शीघ्र संपर्क कर लाभ प्राप्त करें।
तीर्थ कार्यक्रम एवं धार्मिक अनुष्ठान (Events)
शंखेश्वर महातीर्थ में निरंतर आयोजित होने वाले मांगलिक व तप-आराधना कार्यक्रम
शंखाकार जिनमन्दिर एवं धर्मशाला नवनिर्माण
चल समारोह / निर्माण कार्य
परम पूज्य गच्छाधिपति प्रतिष्ठा शिरोमणि आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय सुशीलसूरीश्वरजी म. सा. की अंतस प्रेरणा एवं प्रतिष्ठाचार्य श्रीमद् विजय जिनोत्तमसूरीश्वरजी म. सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में ३८,००० वर्ग फुट भूमि पर नवनिर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है।
उपधान तप, नीवि, आयंबिल एवं सामूहिक आराधना महोत्सव
६,००० sq.ft. संघ भवन
विशाल संघ भवन एवं विविधलक्षीय हॉल में उपधान तप आराधकों की सेवा, एकासणा, बियासणा, नीवि, आयंबिल एवं गुरुदेवों के पावन प्रवचनों का निरंतर आयोजन सुनिश्चित किया गया है।
श्री नाकोड़ा भैरव देव एवं महा चमत्कारी घंटाकर्ण महावीर महापूजन
अधिष्ठायक पूजन
चतुर्मुख भैरव देव मन्दिर में चारों दिशाओं में विराजित चमत्कारी श्री नाकोड़ा भैरुजी, श्री माणीभद्रवीर, घंटाकर्ण महावीर एवं माँ अम्बा-सच्चियाय के नित्य-नियम पूजन, दीप प्रज्ज्वलन व महाआरती कार्यक्रम।
तीर्थ दर्शन गैलरी (Gallery)
नवनिर्माणाधीन श्री पार्श्व भैरव सुशील धाम के नक्शे एवं 3D प्रारूप
सम्पूर्ण जिनालय का तल दर्शन
माप: 94'-11" × 92'-9"
वास्तुकला फ्लोर प्लान
विश्व के प्रथम शंखाकार चतुर्मुख जिनमन्दिर का वास्तु सम्मत विस्तृत तल दर्शन।
८४,००० sq.ft. धर्मशाला 3D
६६ सर्व सुविधायुक्त यात्री कक्ष
धर्मशाला बाह्य स्वरूप
६६ सर्व सुविधायुक्त यात्री कक्ष, मुख्य प्रवेश द्वार एवं साधु-साध्वी उपाश्रय।
उपाश्रय संकुल 3D
२,७०० sq.ft. पृथक-पृथक भवन
आराधना भवन
साधु भगवंत एवं साध्वीजी भगवंतों के लिए पृथक-पृथक शांत आराधना भवन।
भोजनशाला 3D
४,४०० sq.ft. भोजन हॉल
तीर्थ भोजनशाला
४,४०० sq.ft. में विशाल बैठक व्यवस्था एवं शुद्ध सात्विक भोजन क्षेत्र।
तीर्थ पेढी कार्यालय
३८० sq.ft. एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस
तीर्थ पेढी
तीर्थयात्रियों के सहयोग एवं व्यवस्था हेतु आधुनिक सुसज्जित तीर्थ पेढी।
तीर्थ जलवाटिका (प्याऊ)
शिलालेख: ४८" × १८"
जलवाटिका प्याऊ
कलात्मक नक्काशीदार संगमरमर से सुसज्जित शीतल पेयजल प्याऊ वाटिका।
सामूहिक तीर्थभूमि दानदाता एवं आजीवन ट्रस्टी योजना
परम पावन भूमि पर अपने परिवार का नाम स्वर्णाक्षरों में अमर करावें
नकरा: रु. 3,33,333/-
आजीवन ट्रस्टी सदस्यता लाभ
इस पावन योजना में लाभ लेने वाले दानवीर पुण्यशाली महानुभावों का नाम तीर्थ परिसर के भव्य शिलालेख में २ नाम एवं गाँव-गौत्र सहित स्वर्णाक्षरों से अंकित किया जायेगा।
लाभार्थी महानुभाव पूज्य गुरुदेवश्री से एवं ट्रस्ट मंडल के पदाधिकारियों से संपर्क कर शीघ्र लाभ प्राप्त करें।